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निदेशक मंडल

निदेशक मंडल

श्री पद्मनाभन राजा जयशंकर

प्रबंध निदेशक 

श्री पद्मनाभन राजा जयशंकर के पास विकासोन्‍मुखी बैंकिंग एवं वित्‍तीय डोमेन, बुनियादी ढांचा, बंधक (मोर्टगेज) वित्‍त व पूंजीगत बाजार से जुड़े क्षेत्रों में उच्‍च स्‍तरीय प्रबंधन एवं मंडल स्‍तरीय भूमिकाएं संभालने में 32 से अधिक वर्षों का अपार अनुभव है।

वर्तमान पद से पूर्व, वे राष्‍ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) के कार्यपालक निदेशक थे। उन्‍होंने आईआईएफसीएल प्रोजेक्‍ट्स लिमिटेड (आईपीएल) के निदेशक एवं मुख्‍य कार्यपालक अधिकारी, आईआईएफसीएल एसेट मैनेजमैंट कंपनी लिमिटेड (आईएएमसीएल) के अध्‍यक्ष (न्‍यासी मंडल) एवं आईआईएफसीएल के मुख्‍य महाप्रबंधक के तौर पर भी कार्य किया है। वे इंडिया मोर्टगेज क्रेडिट गारंटी कार्पोरेशन (आईएमजीसी) एवं आईएफसीआई फैक्‍टर्स लिमिटेड के मंडल में भी रहे।

वे संरचित परियोजना वित्‍त के अतिरिक्‍त नये वित्‍तीय उत्‍पादों के विकास, विकासात्‍मक पहलें, जोखिम प्रबंधन एवं अन्‍य क्रियाकलापों में विशेषज्ञता रखते हैं। उन्हें भारत में पहली बार बंधक (मोर्टगेज) प्रतिभूतिकरण कार्य संपादन एवं ऋण संवृद्धि, टेकआउट वित्‍तपोषण एवं प्रतिगामी बंधक (रिवर्स मॉर्टगेज) जैसे कई अन्य सुनियोजित वित्तीय समाधानों के लिए जाना जाता है।

वे क्षेत्रवार नीतियों पर सरकार की विभिन्न समितियों में सरकार को सहयोग देने में भी सक्रिय रूप से लगे हुए हैं जिसमें बुनियादी ढाँचे के लिए पहली समर्पित क्रेडिट एन्हांसमेंट कंपनी के गठन में अग्रणी भूमिका निभाना शामिल है। वे भारत सरकार द्वारा घोषित नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (एनआईपी) के तहत, बुनियादी ढांचा निवेश के वित्तपोषण से संबंधित अंतर-मंत्रालयीय संचालन समिति (आईएमएससी) के परियोजना वित्तपोषण समूह के प्रमुख सदस्य भी हैं।

श्री जयशंकर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली से प्रौद्योगिकी से स्‍नातकोत्‍तर (एम.टेक) हैं; उन्‍होंने फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (एफएमएस), दिल्ली विश्वविद्यालय से एमबीए (वित्त) भी किया है।

श्री पवन कुमार

उप प्रबंध निदेशक

श्री पवन कुमार 1990 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं एवं उन्‍होंने श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से एम.कॉम की पढ़ाई पूरी की है। उन्‍होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के वाणिज्य विभाग से लेखा व वित्त क्षेत्र में एम.फिल भी किया है। इसके अतिरिक्‍त वे भारतीय लागत एवं कार्य  लेखाकार संसथान के फेलो मेंबर भी हैं। उन्‍होंने दिल्ली में आयकर विभाग में सहायक आयकर आयुक्त के तौर पर पद भार ग्रहण किया। 


उन्होंने वर्ष 2002 से वर्ष 2008 तक कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय में प्रतिनियुक्ति पर निदेशक के तौर पर काम किया। वे गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय की स्‍थापना, एमसीए-21 कार्यक्रम के निष्‍पादन एवं कॉर्पोरेट अभिशासन हेतु राष्‍ट्रीय प्रतिष्‍ठान की स्थापना में भी शामिल रहे। वर्ष 2009-12  की अवधि में, उन्‍होंने राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय में निदेशक (कर नीति) के तौर पर पदभार ग्रहण किया। वे अंतर्राष्ट्रीय वाणिज्यिक धोखाधड़ी के संकेतक पर काम करने वाले यूएनसीआईटीआरएएल द्वारा गठित एक अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह के सदस्य भी रहे। 


उन्होंने पंजाब, हिमाचल प्रदेश एवं राजस्थान में आयुक्त आयकर के तौर पर भी काम किया जहां उन्‍होंने कॉर्पोरेट एवं गैर-कॉर्पोरेट अपीलीय संबधी मामलों का निपटारा किया। उन्हें कर लेखांकन मानक तैयार करने के लिए सीबीडीटी द्वारा गठित समिति के सदस्य के तौर में नियुक्त किया गया था। वे आय संगणना एवं प्रकटीकरण मानक-एमएटी मुद्दे संबंधी समिति के सदस्य भी रहे हैं। 


आईआईएफसीएल में पदभार ग्रहण करने से पूर्व, वे आईबीबीआई में कार्यपालक निदेशक के तौर पर काम कर रहे थे एवं ऐसे आईबीसी पारिस्थितिकी तंत्र में सेवा प्रदाताओं के पंजीकरण, निगरानी व निरीक्षण से संबंधित काम देख रहे थे जिसमें दिवाला पेशेवर, पंजीकृत मूल्‍यांकनकर्ता, दिवाला पेशेवर एजेंसियां, पंजीकृत मूल्‍यांकनकर्ता संगठन एवं सूचना उपादेयता शामिल थे।


श्री बलदेव पुरषार्थ

सरकार द्वारा नामित निदेशक

5 जनवरी, 1974 को जन्‍में श्री बलदेव पुरषार्थ ने दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्‍त की है।

वे वर्ष 2002 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में शामिल हुए। आर्थिक मामले विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार में संयुक्त सचिव के तौर पर कार्य ग्रहण करने से पूर्व, उन्होंने अगस्‍त, 2018 से जनवरी, 2020 तक सचिव, लोकपाल एवं मंडल आयुक्त, जालंधर, पंजाब के तौर पर कार्य किया। उन्होंने पंजाब सरकार एवं भारत सरकार के अंतर्गत आने वाले विभिन्न क्षेत्रों व सचिवालय के पदों पर भी कार्य किया। उन्‍होंने जिन पदों में अपनी सेवाएं दी उनमें केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के निजी सचिव; निदेशक, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, पंजाब सरकार; निदेशक, तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण, पंजाब सरकार, आयुक्त, एनआरआई, पंजाब सरकार तथा विशेष सचिव, व्यय, पंजाब सरकार जैसे पद शामिल हैं।

वे इंडिया इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड, ओएनजीसी विदेश लिमिटेड, भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम लिमिटेड में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वे अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष के कार्यकारी बोर्ड में निदेशक एवं न्यू डेवलपमेंट बैंक व एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक के बोर्ड में वैकल्पिक निदेशक के तौर पर भी भारत सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

श्री सोंजोय कुमार साहा

सरकार द्वारा नामित निदेशक

आप वर्तमान में, नीति आयोग, भारत सरकार में सलाहकार के पद पर कार्यरत हैं जिसमें आप जन निजी भागीदारी (पीपीपी), परियोजना मूल्‍यांकन एवं हाई स्‍पीड रेल वर्टिकल के प्रमुख के तौर पर कार्य कर रहे हैं। आप इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्‍नातक एवं कारोबार प्रबंधन में स्‍नातकोत्‍तर हैं। आप हार्वड युनिवर्सिटी में पीपीपी प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्‍सा भी रहे हैं। आपके पास रेल मंत्रालय, विधि एवं न्‍याय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, योजना आयोग, दिलली मेट्रो रेल कार्पोरेशन, स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड एवं इंडियन एयरलाइंस में विभिन्‍न पदों पर कार्य करने का 29 से अधिक वर्षों का अनुभव है। आप भारतीय रेल विद्युत अभियंता सेवा (आईआरएसईई) के 1989 बैच के अधिकारी हैं।

आपने पत्‍तन, रेलवे एवं शहरी परिवहन क्षेत्र के पीपीपी रियायतों के लिए मॉडल रियायत करार सहित पीपीपी परियोजनाओं की संरचना, मानक बोली दस्‍तावेजों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आपने भारतीय रेलवे में प्रमुख रोलिंग स्टॉक खरीद परियोजनाओं की बोली लगाने एवं निष्पादन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आप अवसंरचना क्षेत्र के कई पीपीपी कार्य संपादन की संरचना व मूल्यांकन प्रक्रिया का हिस्सा रहे हैं।

श्री आनंद मधुकर

सरकार द्वारा नामित निदेशक

श्री आनंद मधुकर 1997 बैच के आईआरपीएस (भारतीय रेलवे कार्मिक सेवा) अधिकारी हैं। वर्तमान में आप वित्‍तीय सेवाएं विभाग, वित्‍त मंत्रालय, भारत सरकार में विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) के तौर पर पर कार्यरत हैं। श्री मधुकर ने हंसराज कॉलेज, दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय से इतिहास में स्‍नातकोत्‍तर की डिगरी हासिल की है। आपने यूसीएलए, बर्कले से नीतिशास्‍त्र व अभिशासन एवं लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से परक्रामण (नेगोशिएशन) कार्यनीति पर अल्‍प अवधि के पाठ़यक्रम का भी अध्‍ययन किया है। श्री आनंद मधुकर के पास 22 से अधिक वर्षों का अनुभव है एवं आपने निम्‍नलिखित अनेक महत्‍वपूर्ण पदों पर कार्य किया है:
1. दक्षिण पूर्वी रेलवे के चक्रधरपुर मंडल के वरिष्‍ठ मण्‍डलीय कार्मिक अधिकारी जिसमें लगभग 22,000 कर्मचारियों के लिए मानव संसधन संबंधी क्रियाकलापों के प्रमुख के तौर पर;
2. दक्षिण पूर्वी रेलवे के रेलवे भर्ती प्रकोष्‍ठ के अध्‍यक्ष के तौर पर 2500 रिक्तियों की ग्रुप डी भर्ती का प्रबंधन जिसमें 8 लाख आवेदकों के आवेदन प्राप्‍त हुए थे;
3. डीओपीटी में निदेशक (एसीसी) के तौर पर जिसमें सीपीएसई, पीएसबी, स्‍वायत्‍त निकाय, न्‍यायाधिकरण इत्‍यादि में वरिष्‍ठ पदों की नियुक्तियों का प्रबंधन किया। आपको वर्ष 2008-09 में उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन के लिए रेलवे पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया।
4. वित्‍तीय सेवाएं विभाग में विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) के तौर पर श्री मधुकर ने पेंशन सुधार एवं बैंकिंग संबंधी कार्य संभाले एवं वर्तमान में आप संस्‍थागत वित्‍त का कार्य संभाल रहे हैं। आप यूको बैंक के बोर्ड में 4.12.2018 से सरकार द्वारा नामित निदेशक एवं 13.3.2019 से बैंकिंग कार्मिक चयन संस्‍थान (आईबीपीएस) के शाषी मंडल के सदस्‍य रहे हैं। आप वित्‍तीय सेवाएं विभाग द्वारा 9.9.2019 से आईआईएफसीएल के मंडल में निदेशक के तौर पर भी नामित किये गये हैं।

सुश्री ए. मणिमेखालाई

अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक नामिती निदेशक

सुश्री ए. मणिमेखालाई बिजिनेस एडमिनिट्रेशन(विपणन) में बैंगलूरू विश्‍वविद्यायलय से डिग्री धारक है और इसके साथ ही सीएआईआईबी योग्‍यता युक्‍त हैं।

आपने 1988 में एक अधिकारी के रूप में विजया बैंक में नियुक्ति पाई थी और तीन दशकों तक शाखा प्रमुख, क्षेत्रीय प्रधान तथा कार्पोरेट कार्यालय के विभिन्‍न विभागों में कार्यात्‍मक प्रधान के रूप में सभी प्रकार का बैंकिंग अनुभव अर्जित किया है। विजया बैंक के महाप्रबंधक के रूप में आपने बैंक के बैंगलूरू उत्‍तर क्षेत्र का प्रधान के रूप में प्रतिनिधित्‍व किया। आपने नीति निर्माण, रणनीतिक नियोजन, संगठनात्‍मक लक्ष्‍यों के निर्धारण एवं वृद्धि रणनीतियों, कार्रवाई योजनएं, विनियामक के दिशानिर्देंशों की अनुपालना, व्‍यापार वृद्धि को बढाने, निष्‍पादकता समीक्षा, आंतरिक नियंत्रण, विनियामक प्राधिकारणों के साथ संबंधों के सुदृढीकरण तथा विभिन्‍न प्रकार के अन्‍य कार्यों में सक्रियता से भाग लेते हुए कार्यात्‍मक अनुभव प्राप्‍त किया।

आप व्‍यापार वृद्धि के संचालन में एक साधक रहीं और एनपीए प्रबंधन, अवधारण, डिजायन एवं विभिन्‍न फुटकर आस्ति एवं देयता उत्‍पादों के शुरू करने तथा विपणन अभियानों के डिजायन एवं प्रारंभ करने, विजया बैंक में जोखिम आधारित पर्यवेक्षण क्रियान्‍वयन (RBS) प्रणाली के क्रियान्‍वयन, मैनुअल(दस्‍ती) जोखिम आधारित आंतरिक लेखा परीक्षा (RBIA) शासन से पूर्णतया कंप्‍युटरयुक्‍त आनलाइन संगामी लेखा परीक्षा, अनुपालना संस्कृति के क्रियान्‍वयन में महत्‍वपूर्ण सुधार, स्‍व विवेकाधिकार, पर्यवेक्षण, पूरे बैंक में चौकसी एव निगरानी तंत्र का प्रभावी प्रबंधन किया।

सुश्री ए. मणिमेखालाई ने दिनां‍क 11.02.2019 को कैनरा बैंक में कार्यकारी निदेशक का पदभार संभाला और इसके साथ ही वर्तमान निम्‍न‍लिखित निदेशक पद भी धारण कर रही हैं: i) मैसर्स कैनबैंक कंप्‍युटर सर्विसेज लिमिटेड ( 04.04.2019 से ) ii) मैसर्स कैनबैंक फैक्‍टर्स लिमिटेड (10.04.2019 से ) iii) मैसर्स कैनारा एचएसबीसी ओरिेयेंटल बैंक का कामर्स लाईफ इंश्‍योरेंस कं. लिमिटेड . (24.04.2019 से) iv) मैसर्स जनरल इंश्‍योरेंस कार्पोरेशन आफ इंडिया (12.03.2020 से) इसके साथ ही आप कैनारा रोबेको म्‍युचुअल फंड की न्‍यासी मंडल हैं(15.05.2019 से)

श्री अजय कुमार श्रीवास्‍तव

अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक नामिति निदेशक

श्री अजय कुमार श्रीवास्‍तव 9 अक्‍तूबर, 2017 से इंडियन ओवरसीज बैंक के कार्यपालक निदेशक के तौर पर कार्यरत हैं। इससे पूर्व वे इलाहाबाद बैंक, दिल्‍ली में फील्‍ड जनरल मैनेजर-दिल्‍ली के तौर पर कार्यरत थे।

उन्होंने इलाहाबाद बैंक में वर्ष 1991 में परिवीक्षाधीन अधिकारी के तौर पर अपने बैंकिंग करियर की शुरुआत की एवं 30 से अधिक वर्षों के अपने बैंकिंग करियर के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में विभिन्न क्षमताओं में काम किया जिसमें फील्ड के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यालय भी शामिल हैं। वे फील्‍ड स्‍तरीय व्‍यापक अनुभव के साथ-साथ एक कुशल व पूर्णतया समर्पित बैंकर हैं तथा उन्हें उत्तर प्रदेश, गुजरात व दिल्ली के बड़े तथा सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का सफलतापूर्वक नेतृत्व करने का गौरव प्राप्त है। उन्होंने सकारात्मक संरचनात्मक व सांस्कृतिक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा इस क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्षेत्रों में नेतृत्‍व करते हुए कई नई पहलों की शुरूआत की हैं इसके साथ-साथ उन्‍होंने भारत व विदेश दोनों में महत्‍वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहभागिता की है।

उन्‍होंने बैंक के सतत विकास एवं लाभप्रदता के लिए विभिन्न नीतियों व कार्यनीतियों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया है। उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में कारगर सेवा तथा लागत में कमी लाने के विभिन्न पहलुओं के डिजिटलीकरण के प्रति सफलतार्वूक सहभागिता की है। उनके द्वारा संभाले गए कुछ महत्वपूर्ण विभागों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, मानव संसाधन, कोषागार प्रचालन, सूचना प्रौद्योगिकी, जोखिम, अनुपालन व अनर्जक आस्ति (एनपीए) वसूली सहित कॉर्पोरेट ऋण शामिल है।