IIFCL

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रूपरेखा

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भविष्‍य की नींव का निधिकरण…

आईआईएफसीएल वर्ष 2006 में स्‍थापित भारत सरकार के पूर्ण स्‍वामित्‍वाधीन कंपनी है जिसका मुख्‍य उद्देश्‍य इंडिया इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर फाइनैंस कंपनी लिमिटेड (आईआईएफसीएल)नामक विशेष प्रयोजन माध्‍यम व्‍यापक तौर पर सिफ्टी के रूप में संदर्भित के माध्‍यम से अर्थक्षम अवरंचना परियोजनाओं को दीर्घकालिक ऋण उपलब्‍ध कराना है।

भारत सरकार ने मई 2019 में 500 करोड़ रुपये के निवेश के अतिरिक्‍त मार्च 2020 में पुनर्पूंजीकरण बॉन्ड के माध्यम से आईआईएफसीएल में 5,300 करोड़ रुपये की इक्विटी का निवेश किया। 31 मार्च, 2020 को कंपनी की प्राधिकृत एवं चुकता पूंजी क्रमशः 10,000 करोड़ रुपये व 9,999.92 करोड़ रुपये थी। आईआईएफसीएल सितंबर 2013 से भारतीय रिजर्व बैंक से एनबीएफसी-एनडी-आईएफसी के तौर पर पंजीकृत कंपनी है एवं भारतीय रिजर्व बैंक के लागू विवेकसम्‍मत मानदंडों का पालन करता है।

एक प्रमुख ऋणदाता संस्‍थान के तौर पर पात्र अवसंरचना उप-क्षेत्रों एवं पेश किये गये उत्पादों के संदर्भ में आईआईएफसीएल बुनियादी ढांचा क्षेत्र में सबसे अधिक विविधतापूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र का ऋणदाता है। आईआईएफसीएल को अवसंरचना उप-क्षेत्र की समन्वित मास्‍टर सूची में सरकार द्वारा अधिसूचित सभी अवसंरचना उप-क्षेत्रों में प्रत्‍यक्ष ऋण, टेकआउट वित्‍त, पुनर्वित्‍त एवं ऋण संवृद्धि को शामिल करते हुए ग्रीन-फील्ड व ब्राउन-फील्ड दोनों परियोजनाओं में वित्‍तपोषण का अधिदेश दिया गया है। इन क्षेत्रों में आम तौर पर परिवहन, ऊर्जा, जल, स्‍वच्‍छता, संचार, सामाजिक व वाणिज्यिक अवसंरचना शामिल हैं।

स्‍टैंडअलोन आधार पर आईआईएफसीएल ने 31 मार्च, 2020 तक 605 परियोजनाओं में प्रत्‍यक्ष ऋण, टेकआउट वित्‍त एवं पुनर्वित्‍त के तहत 1,35,940 करोड़ रूपये की संचयी सकल संस्‍वीकृतियां की। इन योजनाओं के तहत 31 मार्च, 2020 तक 410 परियोजनाओं में 71,917 करोड़ रुपये का संचयी संवितरण किया गया।

वर्तमान प्रस्‍ताव

आईआईएफसीएल ने निम्‍नलिखित उत्‍पादों/सेवाओं के माध्‍यम से अवसंरचना क्षेत्र को अपनी वित्‍तीय सहायता पेश की हैं:

ग्रीनफील्‍ड परियोजना के लिए

प्रत्‍यक्ष ऋण

अधिमानी कर्ज: सहायता संघ के भाग के तौर पर आईआईएफसीएल कुल परियोजना लागत (गौण कर्ज, यदि कोई हो, सहित) के 20 प्रतिशत तक के निवेश को ध्‍यान में रखते हुए वाणिज्यिक रूप से अर्थक्षम अवसंरचना परियोजनाओं को दीर्घावधि निधि उपलब्‍ध कराता है। आईआईएफसीएल इस योजना के तहत ऐसी जन निजी भागीदारी की परियोजनाओं में ऋण देने को सर्वोच्‍च प्राथमिकता देता है जो प्रतिस्‍पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्‍यम से चयनित निजी क्षेत्र की कंपनियों द्वारा क्रियान्वित की जा रही हों।

गौण कर्ज: आईआईएफसीएल परियोजना लागत (कुल परियोजना लागत के 20 प्रतिशत के अपने निवेशे के भाग के तौर पर) 10 प्रतिशत तक का गौण कर्ज उपलब्‍ध कराता है। कर्ज का यह स्‍वरूप आमतौर पर ऋणदाताओं द्वारा अर्ध इक्विटी के तौर पर माना जाता है।

31 मार्च, 2020 तक स्‍टैंडअलोन आधार पर आईआईएफसीएल ने प्रत्‍यक्ष ऋण के तहत 497 परियोजनाओं को 90,050 करोड़ रूपये की संचयी सकल संस्‍वीकृतियां की एवं प्रत्‍यक्ष ऋण के तहत 41,788 करोड़ रूपये का संचयी संवितरण किया।

ब्राउनफील्‍ड परियोजना के लिए

टेकआउट फाइनेंस

आईआईएफसीएल की टेकआउट वित्‍त योजना का उद्देश्‍य बैंकों की बही से ऋण लेने पर बैंकों के सामने आ रही आस्ति देयता असंतुलन एवं निवेश की बाधाओं का समाधान करना है। यह योजना बैंकों को अपनी निधियों की नई अवसंरचना परियोजनाओं में निवेश करने में सहायता करती है। इस योजना के तहत आईआईएफसीएल कुल परियोजना लागत (प्रत्‍यक्ष ऋण साहित) का 30 प्रतिशत तक का ऋण प्रदान कर सकता है। टेकआउट वित्‍त के मामले में संवितरण, समान्‍य तौर पर वास्‍तविक वाणिज्यिक प्रचालन तिथि (सीओडी) के एक वर्ष पश्‍चात ही किया जा सकता है।

आईआईएफसीएल ने 31 मार्च, 2020 तक टेकआउट वित्‍त योजना के तहत 108 परियोजनाओं में 24,393 करोड़ रूपये की संचयी संस्‍वीकृतियां की एवं 15,413 करोड़ रूपये संवितरित किए।

ऋण संवृद्धि योजना

ऋण संवृद्धि योजना के तहत आईआईएफसीएल मौजूदा ऋणों का पुनर्वित्‍त करने के लिए “एए" अथवा उससे अधिक की रेटिंग वाली अवसंरचना कंपनियों द्वारा जारी बांडों की ऋण रेटिंग बढ़ाने के लिए अपनी आंशिक ऋण गारंटी प्रदान करता है। आईआईएफसीएल बांड इश्‍यू की कुल राशि के अधिकतम 50 प्रतिशत के अधीन कुल परियोजना लागत के 20 प्रतिशत (बैकस्‍टॉप गारंटीकर्ता के साथ कुल परियोजनागत लागत का 40 प्रतिशत) की सीमा तक की ऋण संवृद्धि कर सकता है। ऋण संवृद्धि बीमा व पेंशन निधि जैसे निवेशकों के ऐसे बांडों से दीर्घावधि की निधियों के वितरण को सुलभ बनाता है।

आईआईएफसीएल वर्ष 2015-16 में ऋण संवृद्धि योजना का सफलतापूर्वक प्रचालन करने वाला पहला संगठन बना। 31 मार्च, 2020 तक आईआईएफसीएल ने 8,380 करोड़ रुपये के बॉण्‍ड निर्गम आकार एवं 2,256 करोड़ रुपये की आईआईएफसीएल की प्रारंभिक गारंटी के साथ 15 परियोजनाओं की मंजूरी प्रदान की। आईआईएफसीएल ने अभी तक 1,338 करोड़ रुपये के बॉण्‍ड निर्गम एवं 346 करोड़ रुपये की आईआईएफसीएल की प्रारंभिक गारंटी के साथ तीन लेन-देन संपन्‍न किये।

संस्‍थानों के लिए

पुनर्वित्‍त योजना

आईआईएफसीएल बैंकों एवं अन्‍य पात्र वित्‍तीय संस्‍थानों (एफआई) को उनके द्वारा अवसंरचना परियोजनाओं को दिये गये ऋणों के लिए पुनर्वित्‍त प्रदान करता है।

आईआईएफसीएल ने पुनर्वित्‍त योजना के तहत 31 मार्च, 2020 तक कुल नौ संस्‍थानों को 21,497 करोड़ रूपये को संचयी संस्‍वीकृतियां प्रदान किया। इन संस्‍वीकृतियों में 14,715 करोड़ रुपये की संचयी संवितरण किया गया।

सहायक कंपनियां

आईआईएफसी (यूके) लि.: आईआईएफसीएल ने अप्रैल, 2008 में अपने पूर्ण स्‍वामित्‍वाधीन सहायक कंपनी आईआईएफसी (यूके) की स्‍थापना की जिसका उद्देश्‍य देश में अवसंरचना परियोजनाओं का कार्यान्‍वयन करने वाली भारतीय कंपनियों को विशेष तौर पर पूंजीगत उपकरणों के आयात के लिए विदेशी मुद्रा में वित्‍तपोषण करना है। आईआईएफसी (यूके) ने 31 मार्च, 2020 तक 3.99 बिलियन अमरीकी डॉलर के संचयी ऋण (निरसन का निवल) संस्‍वीकृत किये एवं 2.06 बिलियन अमरीकी डॉलर का संचयी संवितरण किया। आईआईएफसी (यूके) में भारतीय रिजर्व बैंक से मार्च, 2023 तक 5 बिलियन अमरीकी डॉलर की ऋण व्‍यवस्‍था ली है।

आईआईएफसीएल प्रोजेक्‍ट्स लि. (आईपीएल): वर्ष 2012 में आईपीएल, आईआईएफसीएल की पूर्ण स्‍वामित्‍वाधीन सहायक कंपनी की स्‍थापना समर्पित परियोजना सलाहकार कंपनी के तौर पर की गई थी। यह कंपनी स्‍थानीय निकाय सहित केन्‍द्र एवं राज्‍य सरकारों को परियोजी की तैयारी, लेनदेन संरचना एवं परामर्शी सेवाओं के अतिरिक्‍त परियोजना के विकासकों एवं निवेशकों के लिए वित्‍तीय मूल्‍यांकन एवं समूहन सेवाएं प्रदान करने में परामर्शी सहायता प्रदान कर रही है। कंपनी को मेघालय में शहरी एवं अन्य अवसंरचना परियोजनाओं को विकसित करने में परियोजना विकास सहायता (पीडीए) प्रदान करने के लिए मेघालय अवसंरचना विकास वित्त निगम के साथ परामर्शी कार्य का आदेश प्राप्‍त है। इस अधिदेश के तहत आईपीएल ने मेघालय में कृषि, पर्यटन, बिजली उत्पादन, रोपवे के साथ-साथ स्‍वास्‍थ्‍य सेवा जैसे क्षेत्रों में 28 परियोजनाओं प्रदान करने/प्रक्रिया की शुरुआत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आईपीएल ने जनवरी 2020 में तमिलनाडु इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड के साथ परामर्शी सेवा करार पर भी हस्ताक्षर किए हैं एवं तमिलनाडु इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड के लिए नीतिगत मुद्दों को तैयार करने, अवधारणा टिप्‍पण तैयार करने, परियोजना मूल्यांकन, पीपीपी परियोजनाओं के लिए बोली दस्तावेजों का मूल्‍यांकन, सार्वजनिक क्षेत्र के अधिकारियों का क्षमता निर्माण एवं परियोजना बेंचमार्क व माप मैट्रिक्स तैयार करने के लिए अवरंचना सलाहकार/परामर्शदाता नियुक्त किया गया था।

आईआईएफसीएल एसेट मैनेजमैंट कंपनी लिमिटेड (आईएएमसीएल) : आईआईएफसीएल की पूर्ण स्‍वामित्‍वाधीन कंपनी आईआईएफसीएल एसेट मैनेजमैंट कंपनी लिमिटेड आईआईएफसीएल द्वारा न्‍यास के तौर पर सृजित आईआईएफसीएल म्‍युचुअल फंड (आईडीएफ) की आस्ति प्रबंधन कंपनी (एएमसी) है। आईआईएफसीएल एसेट मैनेजमैंट कंपनी लिमिटेड यानि आईएएमसीएल) गठित की। आईआईएफसीएल म्‍युचुअल फंड द्वारा फरवरी, 2014 को निजी स्‍थानन के माध्‍यम से अपनी पहली आईडीएफ योजना का शुभारंभ किया गया जिसमें कंपनी ने सफलतार्वूक 300 करोड़ रुपये जुटाए। आईडीएफ श्रृंखला I को दो घरेलू रेटिंग एजेंसियों द्वारा एएए आईडीएफ-एमएफ की रेटिंग दी गई है एवं यह बांबे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (बीएसई) पर भी सूचीबद्ध है। इस योजना का मुख्य रूप से पूर्णतया निवेश किया गया है एवं यह राजस्व पैदा करने वाली अवसंरचना परिसंपत्तियों में शामिल है। 31 मार्च, 2020 तक श्रृंखला – I के प्रबंधन के अंतर्गत आने वाली परिसंपति (एयूएम) 397.08 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

अप्रैल, 2017 में आईएएमसीएल ने छ: संस्‍थागत निवेशकों के साथ 200 करोड़ रुपये की निधि वाली “एएए” रेट वाली अपनी आईडीएफ श्रृंखला II “एएए” आईडीएफ-एमएफ शुरू की एवं इस सफलतापूर्वक पूरा किया। 31 मार्च, 2020 को आईडीएफ श्रृंखला – II के प्रबंधन के अंतर्गत आने वाली परिसंपति (एयूएम) 176.26 करोड़ रुपये की है।

वित्‍तपोषण के स्रोत

आईआईएफसीएल अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार के अलावा घरेलू स्रोत दोनों से दीर्घकालिक संसाधन के माध्‍यम से निधि जुटाता है।

घरेलू स्रोत

आईआईएफसीएल इस प्रयोजनार्थ सृजित विभिन्‍न यथोचित लिखतों से बाजार से कर्ज (अल्‍पावधि एवं दीर्घावधि दोनों) जुटाता है। कंपनी ने 31 मार्च, 2020 तक घरेलू बाजार से लगभग 32,600 करोड रुपये जुटाए।

अंतर्राष्‍ट्रीय स्रोत

आईआईएफसीएल ने एशियन डेवलेपमैंट बैंक (एडीबी), विश्‍व बैंक, केएफडब्‍ल्‍यू, यूरोपीय इंवेस्‍टमैंट बैंक (ईआईबी) एवं जापान इंटनरेशनल कोओपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) जैसे द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय वित्‍तीय संस्‍थानों से मजबूत संबंध स्‍थापित किए हैं एवं इन संस्‍थानों से क्रमश: 1.9 बिलियन अमरीकी डॉलर, 195 मिलियन अमरीकी डॉलर, 50 मिलियन यूरो, 200 मिलियन यूरो एवं 50 बिलियन जेपीवाई की ऋण व्‍यवस्‍था संपन्‍न की है। इन संबंधों से आईआईएफसीएल को दीर्घावधि संसाधन जुटाने में मदद मिली है जो नवोन्‍मेषी वित्‍तीय उत्‍पाद का विकास के अतिरिक्‍त बेहतर प्रथाएं अपनाने विशेषतौर पर पर्यावरणीय एवं सामाजिक सुरक्षा ढांचा एवं खरीद प्रक्रियाओं को समर्थ बनाते हैं।

रेटिंग

विभिन्‍न रेटिंग एजेंसियों द्वारा आईआईएफसीएल की विभिन्‍न घरेलू दीर्घावधि उधारियों (बांड) को ‘एएए/एएए(एसओ)’ एवं एसएंडपी द्वारा बीबीबी की रेटिंग दी गयी है जो सर्वोत्‍कृष्‍ट रेटिंग के बराबर है।

आईआईएफसीएल एक नजर में

मुख्‍य वित्‍तीय विवरण

आंकड़े करोड़ रूपये में

ब्‍यौरेमार्च, 2016 को समाप्‍त वित्‍तीय वर्षमार्च, 2017 को समाप्‍त वित्‍तीय वर्षमार्च, 2018 को समाप्‍त वित्‍तीय वर्षमार्च, 2019 को समाप्‍त वित्‍तीय वर्षमार्च, 2020 को समाप्‍त वित्‍तीय वर्ष
कुल परिसंपतियां 42,27442,15743,14743,54452,147
निवल मूल्‍य (वित्‍तीय वर्ष के 31 मार्च को)7,2657,4246,4024,68910,306
निवल लाभ46869(1155)10251
अवसंरचना ऋण31,61234,07032,58535,13033,630
आईआईएफसीएल का क्षेत्र-वार निवेश
प्रत्‍यक्ष ऋण के तहत सकल संचयी संस्‍वीकृतियां (31 मार्च, 2020 तक)

आंकड़े करोड़ रूपये में

क्षेत्र परियोजनाओं की संख्‍या परियोजना की लागत सकल संस्‍वीकृति
सड़क 2673,46,58742,098
विद्युत 1504,03,50436,310
विमानपत्‍तन 3 27,701 2530
पत्‍तन 19 30,096 4,157
शहरी अवसंरचना 1648,1433,807
रेलवे 3 3,194 639
पीएमडीओ* 38 8,602 260
दूरसंचार 1 3,750 250
योग 497 8,71,577 90,050
क्षेत्र-वार संचयी संवितरण
(31 मार्च, 2020 तक)

आंकड़े करोड़ रूपये में

क्षेत्र परियोजनाओं की संख्‍या परियोजना की लागत संवितरित राशि
प्रत्‍यक्ष ऋण
सड़क 2042,70,16121,527
विद्युत 972,26,77017,515
विमानपत्‍तन 3 27,701 858
पत्‍तन 1113,3071,051
शहरी अवसंरचना 92,200372
रेलवे 1 600 66
पीएमडीओ* 27 4,744 151
दूरसंचार 1 3,750 248
उप योग (क) 3535,49,23341,788
टेकआउट वित्‍त
सड़क 22 30,551 4,115
विद्युत 26 50,972 7,800
विमानपत्‍तन 2 15,777 1,485
पत्‍तन 5 9,392 1,988
शहरी अवसंरचना 2 107 26
योग (ख) 571,06,79915,414
उप योग (क + ख) 410 6,56,032 57,202
पुनर्वित्‍त (ग) - - 14,715
कुल योग (क + ख + ग) - - 71,917